भगवान परशुराम

Lord Parshuram – Sixth Incarnation of Vishnu

धरती का भार हरने वाले, फरसाधारी भगवान परशुराम —
शौर्य, तप और न्याय के अमर प्रतीक।

चिरंजीवी परम वीर ब्राह्मण-क्षत्रिय विष्णु के छठे अवतार फरसाधारी तपस्वी योद्धा

✦ अमर वचन ✦

जो न्याय के पक्ष में खड़ा हो,
उसे ईश्वर स्वयं शक्ति देता है।

— परशुराम चरित

माता-पिता की सेवा ही सच्ची तपस्या है;
उनका आशीर्वाद समस्त वेदों का सार है।

— परशुराम उपदेश

वीरता केवल शस्त्र में नहीं,
सत्य बोलने के साहस में भी है।

— Jai Parshuram

अन्याय को सहना उसे बढ़ावा देना है —
प्रतिरोध ही धर्म का प्रथम कर्तव्य है।

— भृगुवंश गाथा

ज्ञान और शौर्य का संगम ही
एक आदर्श मनुष्य की पहचान है।

— परशुराम महिमा

जो अपने गुरु के प्रति सच्चा हो,
उसे संसार की कोई शक्ति नहीं हरा सकती।

— परशुराम वचन

पृथ्वी पर जब-जब अधर्म का बोझ बढ़ा,
तब-तब दैवी शक्ति ने अवतार लिया।

— श्रीमद्भागवत

क्रोध को साधो — वह तुम्हारा सबसे बड़ा शत्रु है;
जिसने उसे जीता, उसने सब कुछ जीता।

— परशुराम उपदेश